घट स्थापना शुभ मुहूर्त सुबह 06.10 से 08.05.
अभिजीत मुहूर्त -11:20am से 12:09pm तक.
आश्विन माह,शुक्ल पक्ष,प्रतिपदा,सोमवार 22 सितंबर 01.24am
पर शुरू और इसका समापन -23 सितंबर को 02.57am पर होगा।
ऐसे में 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी।
22 सितंबर प्रतिपदा- (मां शैलपुत्री पूजा ) रंग-सफेद, नैवेद्य- हलुआ,घी।
23 सितंबर द्वितीया (मां ब्रह्मचारिणी) रंग-लाल, नैवेद्य- शक्कर,पंचामृत।
24 सितंबर- तृतीया- सुबह 07.06 तक (मां चन्द्रघंटा) रंग-नीला, नैवेद्य- खीर।
25 सितंबर-विनायक चतुर्थी, माना चतुर्थी (शक्तिमंत्र साधना दिवस)
26 सितंबर चतुर्थी- 09.34 तक ( मां कुष्मांडा) रंग-पीला, नैवेद्य- मालपुए ।
27 सितंबर पंचमी- 12.04pm.तक (मां स्कंदमाता) रंग-हरा , नैवेद्य- केले।
28 सितंबर षष्ठी-14.28 तक (मां कात्यायनी) रंग-स्लेटी ,नैवेद्य- शहद।
29 सितंबर सप्तमी- 16.32 तक ( मां कालरात्रि) रंग-नारंगी , नैवेद्य- गुड ।
30 सितंबर अष्टमी- 18.07 तक ( मां महागौरी) रंग-मोरपंखी,नैवेद्य- नारीयल
01 अक्टूबर नवमी-19.02 तक ( मां सिद्धिदात्री) रंग-गुलाबी,नैवेद्य- तिल,चना
02 अक्टूबर विजयादशमी-19.11 तक, रावण दहन- (दशहरा)
इस नवरात्री मातारानी हाथी पर सवार होकर आयेगी और हाथी पर ही वापस जायेगी। देवी भागवत पुराण के अनुसार, माता दुर्गा का हाथी पर आगमन
अत्यंत शुभ है। हाथी को सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है।